PARVATVEDA
चरक व सुश्रुत संहिता के अनुभूत योग — 35 वर्षों की रसशाला परंपरा द्वारा पुटपाक व मन्थन विधि से निर्मित 100% शुद्ध औषधियां। जोड़ों का दर्द, साइटिका, मधुमेह व असाध्य रोगों का जड़ से स्थायी प्राकृतिक समाधान।

रोग की जड़ तक पहुंचने की प्रामाणिक वैदिक चिकित्सा पद्धति
आयुर्वेद केवल लक्षणों को नहीं दबाता, अपितु त्रिदोषों (वात, पित्त, कफ) का संतुलन स्थापित कर असाध्य रोगों को समूल नष्ट करता है।

नाड़ी परीक्षा
हाथ की नाड़ी की सूक्ष्म तरंगों से त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) के असंतुलन, आम-विष एवं गुप्त व्याधियों का अचूक सटीक निदान।

शास्त्रीय औषधियां
कच्ची जड़ी-बूटियों एवं प्राचीन ग्रंथाधारित शुद्ध भस्मों से संस्थान की रसशाला में पुटपाक व मन्थन विधि द्वारा निर्मित रसायन।
पंचकर्म शोधन
स्नेहन, स्वेदन, जानु बस्ति, कटि बस्ति व पोटली स्वेद द्वारा संधियों व मेरुदंड में जमे विषैले तत्वों (आम रस) का संपूर्ण निष्कासन।

पथ्य-अपथ्य आहार
प्रकृति (वात, पित्त, कफ) के अनुसार व्यक्तिगत खान-पान व सात्विक दिनचर्या तालिका, ताकि रोग कभी दोबारा लौटकर न आए।

The classical formulations for modern balance & vitality
प्रामाणिक शास्त्रीय आयुर्वेदिक उत्पाद एवं औषधियां
चरक एवं सुश्रुत संहिता के अनुभूत योग — 100% शुद्ध हिमालयन जड़ी-बूटियों एवं स्वर्ण-रजत भस्मों से संस्थान की रसशाला में निर्मित।
असाध्य रोगों हेतु विशेष शास्त्रीय योग एवं निःशुल्क होम डिलीवरी
यदि आपको किसी जटिल रोग हेतु व्यक्तिगत औषधि मिश्रण, सिद्ध क्वाथ या स्वर्ण-रजत भस्म रसायन चाहिए, तो हमारे वरिष्ठ वैद्यों से अपनी रिपोर्ट साझा करें। संस्थान की रसशाला में पुटपाक व मन्थन विधि द्वारा ताजी औषधियां तैयार कर सुरक्षित रूप से सीधे आपके घर भेजी जाती हैं।
हठकारी एवं जटिल रोगों का सफल आयुर्वेदिक उपचार
ऐसे रोग जहाँ आधुनिक चिकित्सा में केवल आजीवन दवाइयां या सर्जरी का विकल्प बचता है, वहाँ सनातन आयुर्वेद त्रिदोष संतुलन से स्थायी मुक्ति प्रदान करता है।
संधिवात व घुटनों का दर्द
सायनोवियल कार्टिलेज पोषण, जानु बस्ति व वात शामक योग द्वारा बिना सर्जरी स्थायी गतिशीलता।
साइटिका व मेरुदंड विकार
कटि बस्ति व मर्म चिकित्सा द्वारा दबी नसों का विमोचन एवं स्लिप डिस्क का प्राकृतिक निवारण।
सोरायसिस व चर्म रोग
रक्त शोधन, तकरधारा एवं पित्त शमन द्वारा त्वचा की पपड़ी, खुजली व लाल चकत्तों का संपूर्ण समाधान।
संग्रहणी, आईबीएस व अम्लपित्त
जठराग्नि दीपन एवं आम-विष पाचन द्वारा पुरानी गैस, कब्ज, पेट में ऐंठन व आंतों की सूजन से राहत।
मधुमेह व पैंक्रियाज रसायन
इंसुलिन सक्रियण, वसंत कुसुमाकर रस एवं त्रिफला योग द्वारा HbA1c स्तर व कमजोरी का नियंत्रण।
अनिद्रा, डिप्रेशन व तनाव
शिरोधारा, ब्राह्मी घृत एवं मेध्य रसायनों द्वारा मस्तिष्क की नसों को शांति व गहरी प्राकृतिक नींद।
स्त्री रोग, पीसीओडी व बांझपन
उत्तर बस्ति व फल घृत द्वारा हार्मोन संतुलन, गर्भाशय शुद्धि एवं निःसंतानता का वैदिक उपचार।
प्रतिरक्षा एवं रसायन कायाकल्प
स्वर्ण भस्म, च्यवनप्राश व अमृत रसायन द्वारा क्षीण ओजस की पुनर्स्थापना एवं दीर्घायु लाभ।
प्रमुख क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र एवं पंचकर्म अस्पताल
प्रत्येक केंद्र पर अनुभवी आयुर्वेदाचार्य द्वारा प्रामाणिक नाड़ी परीक्षण, पंचकर्म एवं 100% शुद्ध शास्त्रीय पुटपाक औषधियों का वितरण।
निकटतम केंद्र की जानकारी अथवा ऑनलाइन परामर्श हेतु संस्थान हेल्पलाइन:
केंद्रीय नंबर: +91 99420 00232 / +91 91991 57555
संस्थान की पवित्र रसशाला एवं पंचकर्म दीर्घा
गया जी मुख्य धाम में 100% शुद्ध शिला खरल मर्दन, वैदिक पुटपाक शोधन एवं शास्त्रीय पंचकर्म चिकित्सा की पावन झलक।
शास्त्रीय रसशाला एवं पाषाण खरल मर्दन
गया जी मुख्य रसशाला में शुद्ध शिला खरल द्वारा 100 से अधिक दुर्लभ वनौषधियों का 21 दिनों तक शास्त्रीय संस्कार।
शास्त्रीय पंचकर्म एवं शिरोधारा कक्ष
द्रव्यगुण औषधीय वनस्पति वाटिका
पवित्र गया जी चिकित्सा परिसर
कटि एवं जानु बस्ति मर्म कक्ष
रीढ़ और घुटने के कार्टिलेज घिसाव हेतु उष्ण औषधीय तैल धारण एवं मर्म चिकित्सा।
पुटपाक, क्वाथ एवं रसायन शोधन
नाड़ी परीक्षा एवं त्रिदोष परीक्षण
अष्टविध नाड़ी स्पंदन द्वारा वात, पित्त, कफ के असंतुलन की सटीक पहचान व वैयक्तिक उपचार।
रोगी अनुभव एवं आरोग्य गाथाएं
संस्थान के 35 वर्षों के अनुभूत पुटपाक योग, पंचकर्म एवं नाड़ी परीक्षा से असाध्य रोगों से स्थाई मुक्ति पा चुके मरीजों के प्रामाणिक अनुभव।
“डॉक्टरों ने घुटने बदलवाने की सलाह दी थी। गया जी केंद्र में जानु बस्ति और काढ़े के सेवन से आज मैं बिना लाठी के चल पा रहा हूँ। सनातन आयुर्वेद को नमन!”
“I was advised bilateral knee replacement surgery. Within 45 days of Janu Basti and Rasayana decoctions at the Gaya Ji Sansthan, I can now walk without a stick and climb stairs comfortably. Real blessings of Parvatveda Medicare!”
“6 साल से सोरायसिस से परेशान थी। नाड़ी परीक्षा के बाद तकरधारा और रक्त शोधक औषधियों से मेरी त्वचा बिल्कुल साफ हो गई है।”
“Struggled with steroid creams for 6 years. Vaidya ji identified high Pitta and Ama during pulse check. The Takradhara and herbal blood purifiers completely cleared my skin in 3 months.”
“दाहिने पैर में भयंकर साइटिका का दर्द था। कटि बस्ति और औषधीय तेल से 10 दिनों में असाधारण आराम मिला। ऑपरेशन की नौबत नहीं आई।”
“Excruciating radiating pain in my right leg made sitting impossible. The Kati Basti and specialized herbal oils provided 80% relief within just 10 sittings. Highly recommended.”

आज ही अपने संपूर्ण आरोग्य की ओर पहला कदम बढ़ाएं
प्राचीन वैदिक रसशाला • त्रिदोष संतुलन, पंचकर्म एवं समग्र स्वास्थ्य
गया जी मुख्य चिकित्सालय एवं 17+ क्षेत्रीय केंद्रों पर अनुभवी आयुर्वेदाचार्य द्वारा प्रामाणिक नाड़ी परीक्षण, पंचकर्म एवं 35 वर्षों के अनुभूत शास्त्रीय पुटपाक योगों द्वारा असाध्य रोगों का जड़ से स्थायी समाधान। घर बैठे शुद्ध औषधियां मंगाएं या निःशुल्क परामर्श टोकन प्राप्त करें।